शनिवार, 1 जून 2019

. . . इस मुस्लिम विद्यालय के छात्र फारसी, उर्दू, अरबी भाषा के जगह चुन रहे है संस्कृत भाषा ।

 . . . इस मुस्लिम विद्यालय के छात्र फारसी, उर्दू, अरबी भाषा के जगह चुन रहे है संस्कृत भाषा

एमईएस बॉयज हाई विद्यालय, वडोदरा
अहमदाबाद : जब वडोदरा के याकूतपुरा एरिया के इस विद्यालय के पास से होकर गुजरेंगे तो आप संस्कृत के श्लोक की आवाज सुनकर हैरान रह जाएंगे, वजह भी कुछ ऐसी ही है ! विद्यालय के ज्यादातर छात्र मुस्लिम हैं परंतु यहां संस्कृत पढाई जाती है । विद्यालय का नाम एमईएस बॉयज हाई विद्यालय है जिसे मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी (एमईएस) चलाती है । विद्यालय के प्रिंसिपल एम.एम. मालिक ने बताया कि विद्यालय की स्थापना के समय से ही छात्रों को संस्कृत पढाई जाती है । हाल ही में विद्यालय में लडकियों को भी दाखिला दिया गया है ।

मालिक ने बताया, ‘९ और १० क्लास में छात्रों को फारसी, उर्दू, अरबी और संस्कृत में से किसी एक भाषा को चुनने का विकल्प होता है । परंतु दिलचस्प बात यह है कि क्लास ९ के ४० प्रतिशत से ज्यादा छात्रों ने संस्कृत चुना है ! इस वर्ष कुल ३४८ छात्रों में से १४६ छात्रों ने संस्कृत चुना है । इन १४६ छात्रों में से केवल ६ हिन्दू हैं बाकी सभी मुस्लिम हैं । इनमें से ज्यादातर छात्र १०वीं और १२वीं बोर्ड एग्जाम में भी संस्कृत रखेंगे !’



एक और बात जो हैरान करनेवाली है, वह यह है कि संस्कृत यहां मुस्लिम शिक्षकोंद्वारा ही पढाई जाती है ! आबिद अली सैयद और मोइनुद्दीन काजी वर्ष १९९८ से यहां क्लास ले रहे हैं । आबिद अली बताते हैं कि विद्यालय में संस्कृत काफी समर्पण के साथ पढाई जाती है । आबिद ने बताया, ‘अन्य भाषाओं के मुकाबले संस्कृत का व्याकरण और उच्चारण मुश्किल होता है, उसके बावजूद हमारे छात्र संस्कृत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं !’

छात्रों को भी संस्कृत से काफी लगाव है । १०वीं क्लास की एक छात्रा पठान उजमा बानो अय्यूब खान संस्कृत का शिक्षक बनने का सपना देखती है । उजमा ने बताया, ‘संस्कृत से हमें अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के बारे में पता चलता है । मुझे वेद पढ़ने, श्लोक का उच्चारण करने और अपने इतिहास को समझने में आनंद आता है । हर छात्र को इस भाषा को सीखना चाहिए और इस पर गर्व करना चाहिए । जब मैं बडी होंगी तो शिक्षक के तौर पर इसे लोकप्रिय बनाने की कोशिश करूंगी !’

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें