शुक्रवार, 13 अक्तूबर 2017

संस्कृत के मंत्रों से कराई गई शादी अवैध : अनिल विज

संस्कृत के मंत्रों से कराई गई शादी अवैध : अनिल विज

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज

नई देहली : इंडिया टीव्ही में आए समाचार के अनुसार, हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे अनिल विज ने कहा कि, संस्कृत के मंत्रों से कराए गई शादियां अवैध हैं । इस बयान के पीछे उन्होंने यह तर्क दिया कि, चूंकि संस्कृत दूल्हा और दुल्हन को समझ में नहीं आते इसलिए इस तरह की शादियों को वैध नहीं ठहराया जा सकता ।
संस्कृत समझ में नही आती इसलिए विवाह अवैध बताना बहुत ही हास्यास्पद है । विवाह अवैध ठहराने के बजाय मंत्रीजी सभी को संस्कृत पढाने के लिए प्रयास क्यो नहीं करते ? आज विदेशी लोग संस्कृत का महत्त्व जानकर संस्कृत सिखने का प्रयास कर रहे है आैर हम संस्कृत की उपेक्षा कर रहै है ।
आयरलैंड के एक विद्यालय में संस्कृत विभाग के अध्यक्ष Rutger Kortenhost ने संस्कृत का गुणगान करते हुए कहां है कि, संस्कृत क्यों ? इसका उत्तर देने से पहले हमें संस्कृत के गुणों पर ध्यान देना होगा। अपनी आवाज की सुमधुरता, उच्चारण की शुद्धता और रचना के सभी आयामों में संपूर्णता के कारण यह सभी भाषाओं से श्रेष्ठ है ! यही कारण है कि अन्य भाषाओं की भांति मौलिक रूप से कभी भी इसमें पूरा परिवर्तन नहीं हुआ। मनुष्य के इतिहास की सबसे पूर्ण भाषा होने के कारण इसमें परिवर्तन की कभी कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ी… !"
बता दें कि, युरोपीय देशों में संस्कृत के प्रति रूचि बढ रही है । यूरोप के प्रमुख देश जर्मनी में पिछले कुछ वर्षों से संस्कृत को लेकर जो रूचि उत्पन्न होनी शुरू हुई थी, वह अब लगभग सच्चार्इ में परिवर्तित हो चुकी है ! सरलता से विश्वास नहीं होता, परन्तु यही सच है कि, वर्तमान में जर्मनी के १४ विश्वविद्यालयों में संस्कृत और भारतीय विद्याओं पर न केवल पढ़ाई चल रही है, बल्कि इसके लिए बाकायदा अलग से विभाग गठित किए गए हैं ।
हिन्दुआें की यही मांग है कि, संस्कृत की उपेक्षा करने के बजाय लोगों को संस्कृत सिखाने के लिए सरकार प्रयास करें, ताकी लोगों को इसकी महानता समझ में आए ।
भारत में भी कर्इ जगह संस्कृत को बढावा देने के लिए प्रयास हो रहा है । इस प्रयासो में उल्लेखनीय प्रयास है, लखनऊ के न‍िशातगंज में स्थित सब्जी मंडी का । सभी सब्ज‍ियों के नाम संस्कृत में ल‍िखे हैं । इसके ल‍िए मंडी में हर जगह बोर्ड भी लगाए गए हैं । यही नहीं, दुकानदार भी हमेशा सब्ज‍ियों के नाम संस्कृत में ही लेते हैं । इस मार्केट में रोजाना सब्जी खरीदनेवाले अब संस्कृत में सब्जी के भाव पूछते हैं और खरीदकर ले जाते हैं !

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