शनिवार, 23 अप्रैल 2016

व्यावहारिक संस्कृत शब्दावली

व्यावहारिक संस्कृत शब्दावली -

खराब मनुष्य - दुर्जन: / खलः / कापुरूष:
परस्त्री के साथ संबंध रखनेवाला – पारदारिक
आगे रहनेवाला – पुरश्चर: / अग्रेसर: / पुरोग: / पुरोगमः / नायक: / नेतृ / पुरोगामीन्
शिष्य का शिष्य - प्रशिष्य
दारू नशाखोर - मद्यपः
व्यभिचारी पुरुष – लम्पट: / लुब्धकः
परदेशी - वैदेशिक:
नया छात्र – शैक्षः
कदर करनेवाला - रसज्ञ: / सहृदय:
आग बुझानेवाला - अग्निशामक:
स्टेनोग्राफर – आशुलिपिक:
फासी देनेवाला - वधकः
इलाका = क्षेत्रम् / विस्तार:
इकाई – घटक:
अजब - विचित्रम्
मरनेवाला - मरणासन्न:
मरम्मत – समीकरणम्
जंजाल – व्यामोह:
मरीज – रोगी
बापदादा - पूर्वजा:
बालिग - वयस्क:
नाबालिग – किशोरावस्था
दिक्कत - काठिन्यम्
कुर्बानी - त्याग
कुली – भारिक:
कैदी - बंधक:

।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।।

एतदीयः - इसका, तदीयः - उसका, यदीयः - जिसका, परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का, आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना।

महत् - महान्, यावत् - जितना, तावत् - उतना, कियत् - कितना, एतावत् (इयत्) - इतना।

तत्र - वहाँ, अत्र - यहाँ, कुत्र - कहाँ, यत्र - जहाँ, कुत्रापि - कहीं भी, अन्यत्र - दूसरे स्थान पर, सर्वत्र - सब स्थानों पर,
उभयत्र - दोनों स्थानों पर, अत्रैव - यहीं पर, तत्रैव - वहीं पर,
यत्र-कुत्रापि - जहाँ­ कहीं भी,

इतः - यहाँ से, ततः - वहाँ से, कुतः - कहाँ से, कुतश्चित् - कहीं से, यतः - जहाँ से, इतस्ततः - इधर-उधर, सर्वतः - सब ओर से, उभयतः - दोनों ओर से,

उपरि - ऊपर, अधः - नीचे, अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे, पश्चात् - पीछे,
बहिः - बाहर, अन्तः - भीतर, उपरि-अधः - ऊपर-नीचे,

इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय, तदा / तदानीम् - तब / उस समय, कदा - कब, यदा - जब, सदा (सर्वदा) - हमेशा, एकदा - एक समय, कदाचित् - कभी, क्व - कब, क्वापि - कभी भी,
सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र), पुनः - फिर, अद्य - आज, अद्यैव - आज ही, अद्यापि - आज भी,

श्वः - आने वाला कल, ह्यः - बीता हुआ कल, परश्वः - आने वाला परसों, परह्य: - बीता हुआ परसों, प्रपरश्वः - आने वाला नरसों, प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों,

शीघ्रम् - जल्दी, शनैः शनैः - धीरे-धीरे, पुनः पुनः - बार-बार, युगपत् - एक ही समय में, सकृत् - एक बार, असकृत् - अनेक बार, अनन्तरम् - इसके बाद, कियत् कालम् - कब तक,
एतावत् कालम् - अब तक, तावत् कालम् - तब तक, यावत् कालम् - जब तक, अद्यावधि - आज तक,

कथम् - कैसे / किस प्रकार, इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार,
यथा - जैसे, तथा - वैसे / उस प्रकार,
सर्वथा - सब तरह से, अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से, कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से, यथा यथा - जैसे-जैसे, तथा-तथा - वैसे-वैसे, यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से, तथैव - उसी प्रकार,
बहुधा / प्रायः - अक्सर।

स्वयम् - खुद, वस्तुतः - असल में,
कदाचित् (सम्भवतः) - शायद, सम्यक् - अच्छी तरह, सहसा (अकस्मात्) - अचानक, वृथा - व्यर्थ, समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने­, मन्दम् - धीरे, च - और, अपि - भी, वा / अथवा - या, किम् - क्या, प्रत्युत (अपितु) - बल्कि, यतः - चूँकि,
यत् - कि, यदि - अगर, तथापि - तो भी / फिर भी,

हि - क्योंकि, विना - बिना, ऋते - सिवाय / के बिना,
कृते - के लिए / वास्ते, सह - साथ, प्रभृति - से लेकर,
पर्यन्तम् - तक, (यहाँ से यहाँ तक), ईषत् - थोडा,

न - नहीं, मा - मत, अलम् - बस, आम् - हाँ, बाढम् - बहुत अच्छा, अथ किम् - और क्या ?

सोमवार, 18 अप्रैल 2016

अव्ययों का ज्ञान

"अव्यय"

इन शब्दों के रूप बदलते नहीं हैं । इसलिये इन्हें अव्यय कहा जाता है।
*.सर्वत्र - सब जगह
*.कुत्र - कहाँ
*.अद्य - आज
*.ह्यः - कल (बीता हूआ)
*.श्वः - कल (आने वाला)
*.परश्वः - परसों
*.अत्र - यहाँ
*.तत्र - वहाँ
*.यथा - जैसे
*.तथा - तैसे
*.एवम् - ऐसे
*.कथम् - कैसे
*.सदा - हमेशा
*.कदा - कब
*.यदा - जब
*.तदा - तब
*.अधुना - अब
*.अधुनैव - अभी
*.कदापि - कभीभी (नहीं के साथ)
*.पुनः - फिर
*.च - और
*.न - नहीं
*.हि - ही
*.वा - या
*.अथवा - या
*.अपि - भी
*.तु - लेकिन (तो)
*.शीघ्रम् - जल्दी
*.शनैः - धीरे धीरे
*.धिक् - धिक्कार
*.प्रति - ओर
*.विना - बिना
*.सह - साथ
*.कुतः - क्यों
*.नमः - नमस्कार
*.स्वस्ति - कल्याण हो