बुधवार, 2 दिसंबर 2015

सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आऐँ। हमारी धार्मिक शिक्षा व्यवस्था ही हमारा अस्तित्व है।

सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आऐँ। हिन्दू भाईयोँ और बहनोँ क्या आप मैकाले द्वारा बनायी गयी शिक्षा प्रणाणी बदलबाने के लिए आगे आऐँगे जिससे लोग जागृत होँ और हम सब एक साथ मिल कर हिन्दुत्ववादी संगठनोँ द्वारा समाज को बता सके की धर्म संकट मेँ है हम सबको पढने के लिए गुरुकुल और तक्षिला जैसा विद्यालय चाहिए जिससे देश और धर्म की रक्षा हो सके। क्या आप अपने गौरवशाली इतिहास भूल गये जहाँ ज्ञानवान होने पर ही हमारी पहचान थी वहीँ आज के अधुनिक समय मेँ पाश्चात्य सभ्यता प्रणाणी द्वारा हमेँ मूर्ख बनाया जा रहा है और वही भारत के बाहर हजारोँ संस्कृत विद्यालय चलाये जाते हैँ और हमेँ हमारी संस्कृति से दूर किया जा रहा है आप खुद सोचिए हम कब तक बिना शिक्षा के जीवनयापन कर पाऐँगे? कब तक अंग्रेजी भाषा के गुलाम बने रहेँगे? कब तक विदेशी कानूनोँ को झेलते रहेँगे? कब तक अपनी और माँ बहन बेटियोँ की इज्जत लुटबाते रहेँगे? हमेँ आगे आना ही होगा हमेँ ही वीर शिवाजी, चन्द्रगुप्त, महाराणा प्रताप, भगत सिँह, सुभाष चन्द्र वोस, बनना पढेगा नहीँ तो धीरे धीरे सब खत्म होता जा रहा है । हमारी सुदृण शिक्षा व्यवस्था ही हमारा अस्तित्व है। जय सनातन धर्म। जय श्री कृष्ण । ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ

1 टिप्पणी:

  1. मेरा नाम निशानत मुदगल है। (हिनदु)मुझे ये भाषा बहुत ही चमतकारी भाषा लगती हे।और कई वरसो से मे इसे सिखना चाहता हु पर कोई टिचर नही मिला। मे केसे ये भाषा सिख सकता हु।.....

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