सोमवार, 30 नवंबर 2015

अगर आप भारतीय संस्कृति पर विश्वास करने वाले हैँ तो अब मैँ आपको ऐसी जानकारी बताने वाला हूँ जिसको पढ कर आप अपना संतुलन खो देँगे।

अगर आप भारतीय संस्कृति पर विश्वास करने वाले हैँ तो अब मैँ आपको ऐसी जानकारी बताने वाला हूँ जिसको पढ कर आप अपना संतुलन खो देँगे। ============================== पूरे भारत मेँ संस्कृत के महाविद्यालय २०० से भी कम हैँ जिनमेँ से कुछ शासकीय हैँ कुछ अशासकीय बाकी का कुछ पता ही नहीँ है की वो हैँ भी या नहीँ। ============================== अब आते हैँ संस्कृत विद्यालय मेँ पढने/पढाने वालोँ के पास इनमेँ पढने वालेँ छात्रोँ की संख्या केवल नाम मात्र की है। इन छात्रोँ का संस्कृत ज्ञान सून्य है कुछ नहीँ पता इन्हेँ ये नाम मात्र के - व्याकरण विभाग, साहित्य विभाग, ज्योतिष विभाग, आदि विभागोँ के छात्र और शिक्षक हैँ। (शिक्षकोँ को थोडा बहुत संस्कृत विभागोँ के विषयोँ का ज्ञान तो है लेकिन उसका महत्व और धार्मिक महत्व और ज्ञान सून्य है।) इसका बडा कारण है वर्णव्यवस्था का दुष्प्रचार वर्णव्यवस्था को जातिवाद मेँ बदलकर छुआछूत पैदा कर दिया और संस्कृत और धर्मकार्योँ को केवल ब्राह्मणोँ तक ही सीमित कर दिया गया। जिसका दुष्परिणाम ये हुआ की इन संस्कृत महा विद्यालयोँ मेँ प्रवेश लेने तक कोई नहीँ आता। इन विद्यालयोँ मेँ छात्रोँ की संख्या न के बराबर है। क्योँकी भारत के हिँदुओँ को न संस्कृत विद्यालयोँ के बारे मेँ जानकारी है न संस्कृत का महत्व ही पता है। कहने को संस्कृत पूर्ण वैज्ञानिक भाषा है लेकिन भारत मेँ मृतप्राय भाषा होती जा रही है। ============================== अगर संस्कृत साहित्य और भाषा के पुनरुत्थान मेँ भारत के विचारवान व्यक्तियोँ और हिँदू संगठनोँ ने अपना कर्तव्य पूर्ण नहीँ किया तो भारत से संस्कृत का अस्तित्व मिटना निश्चित है। कोई चमत्कार नहीँ होने वाला हमेँ ही संस्कृत का संरक्षण करना होगा अगर चमत्कार के लिए बैठे हैँ तो डूब मरो दो बूँद पानी मेँ। आज भारत मेँ संस्कृत जानने वाले लोगोँ की संख्या ५ लाख से भी कम हो चुकी है। ============================== उठो भारत के वीर जवानोँ धन-संपदा इकट्ठा करने से क्या होगा आप अपना धन सनातन संस्कृति के संरक्षण मेँ लगाँए। उस धन से आप भारतीय संस्कृति का ज्ञान अर्जित करने मेँ सदुपयोग करेँ। डिग्रियाँ सर्टिफिकेट और विश्व मेँ सबसे धनी भी बन गये तो फिर क्या ??? जब आपका धर्म और संस्कृति ही नहीँ बचेगी तो आपका धन किस कार्य मेँ उपयोगी सिद्ध होगा ??? ============================================================

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें